{मध्यप्रदेश के 13 जिलों में वापस पहुंचें प्रवासी मजदूरों के त्वरित अध्ययन के निष्कर्ष}

मध्यप्रदेश के अध्ययन निष्कर्षों का संक्षेप

पृष्ठभूमि

20 मई 2020 की स्थिति में कोविड19 के आपातकालीन प्रभावों के बीच मध्यप्रदेश के प्रवासी कामगारों/मजदूरों का वापस लौटना जारी है. मध्यप्रदेश सरकार की अधिकृत जानकारी के अनुसार 20 मई20200612 081737 तक राज्य सरकार 4.63 लाख प्रवासी मजदूरों को विभिन्न राज्यों से वापस गृह राज्य यानी मध्यप्रदेश लाने की व्यवस्था कर चुकी थी. इनमें गुजरात से वापस आये 1.93 लाख, राजस्थान से 1 लाख, महाराष्ट्र से 1.07 लाख मजदूर भी शामिल हैं.

इसके अतिरिक्त आंकलन बताते हैं कि लगभग 10 लाख मजदूर पैदल या फिर स्वयं के साधनों से वापस लौट कर मध्यप्रदेश आये हैं.

यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि चूंकि कामगारों के पलायन करने के व्यवहार, पलायन के स्थान और उनकी परिस्थितियों की निगरानी करने की मध्यप्रदेश में कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए अब भी राज्य सरकार के पास यह पुख्ता जानकारी नहीं है कि वास्तव में मध्यप्रदेश के कितने श्रमिक अन्य राज्यों में पलायन करके जाते हैं, कितने समय के लिए जाते हैं और कोविड19 महामारी की परिस्थितियों के बीच मध्यप्रदेश के कुल कितने श्रमिक अन्य राज्यों में अभी भी शेष हैं?

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत के 17 बड़े राज्यों में ही मध्यप्रदेश के 30.29 लाख लोग पलायन करके गए थे. इनमें से 10.18 लाख पुरुष और 20.11 लाख महिलायें थी. जनगणना-2011 में दिए गए वर्गीकरण के अनुसार पलायन के आंकड़ों में महिलाओं का अपने मूल स्थान से अन्य स्थान पर प्रवास मुख्य रूप से उनके विवाह से जुड़ा होता है, जबकि पुरुषों के द्वारा मुख्य रूप से रोज़गार के लिए ही पलायन किया जाता है. इस मान से यदि यह माना जाए कि 50% महिलाओं का पलायन विवाह के कारण हुआ है, तो इस मान से वर्ष 2011 की स्थिति में मध्यप्रदेश के 20 लाख लोग रोज़गार के लिए अन्य राज्यों की तरफ पलायन करके गए थे. जनसँख्या की वृद्धि दर (1.9% प्रतिवर्ष), रोज़गार के अवसरों की कमी, व्यापक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की नीतियों के अभाव और कमज़ोर स्वस्थ्या-पोषण सूचकांकों कारण वर्तमान स्थिति में लगभग 30 लाख लोग अन्य राज्यों में रोज़गार के अवसरों के कारण प्रवासित हुए हैं.  

कोविड19 महज़ एक स्वास्थ्य सम्बन्धी आपातकाल नहीं है. यह एक सामाजिक और आर्थिक आपातकाल भी है, जिसने भारत को अनिश्चितता के भंवर में फंसा दिया है. इन्ही परिस्थितियों के बीच विकास संवाद ने मध्यप्रदेश के सामाजिक-आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे जिलों में वापस आये प्रवासी मजदूरों का अध्ययन किये.

विश्लेषण और प्रस्तुति,विकास संवाद, मध्यप्रदेश 

प्रकाशित - जून, 2020

संक्षिप्त अध्ययन रिपोर्ट 

संक्षिप्त अध्ययन रिपोर्ट - (अंग्रेजी)

अध्ययन रिपोर्ट 

केस अध्ययन