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बच्चे जो कि किसी भी देश या समाज का भविष्य होते हैं यदि वे ही शिक्षित न हो पाये या स्वस्थ नहीं रह पायें तो हम किस तरह से खुशहाल भविष्य की कल्पना कर सकते हैं। प्रदेश में बच्चों में कुपोषण, अशिक्षा, बाल मजदूरी और बाल अधिकारों की स्थिति चिंतनीय है। इस पुस्तक के माध्यम से हमने प्रदेश में बाल शिक्षा व शारीरिक दंड की स्थिति, भूख, कुपोषण और गरीबी का प्रभाव, बाल सुरक्षा, बाल स्वास्थ्य, बाल अधिकार, बच्चों के लिये बजट का प्रावधान, बच्चों के अधिकारों पर राजनीति, बाल अधिकार व मीडिया की भूमिका आदि मुद्दों को सम्मिलित किया गया है।
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