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  रोजगार एवं सूचना का अधिकार पदयात्रा
(दिनांक 18.05.06 से 25.05.06 तक)
आयोजक : सम्पर्क, ग्राम रायपुरिया, तहसील पेटलावद, झाबुआ
 
     
 

पृष्ठभूमि

सम्पर्क स्वयंसेवी संस्था पेटलावद विकासखण्ड में वर्ष 1987 से आदिवासी समुदाय के साथ मिलकर सामाजिक जागरूगता तथा विकासात्मक कार्य करती आ रही है। सम्पर्क ने अपने 20 वर्षो के कार्यकाल में आदिवासी समूदाय में व्याप्त सामाजिक बुराईओं को दूर करने तथा पानी, मिट्टी रोकने की दिशा सघन रूप से कार्य किया है। संस्था का मानना है कि सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए नीतिगत् बदलाव की दिशा में भी कार्य किया जाना आवश्यक है तब कहीं जाकर आदिवासी समाज की आजीविका को सुरक्षित किया जा सकता है। अत: इसके लिए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण आदिवासी समुदाय तक पहुंचाना भी संस्था का प्रमुख ध्येय हैं।

ग्रामीण क्षेत्र मे रहने वाले लोगों को रोजगार तथा सूचना सुनिश्चित कराने व प्रत्येक परिवार को काम पाने का कानूनी हक देने के उददेश्य को लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून 2005 तथा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को कई संघर्षो के बाद स्वीकृति प्राप्त हो गयी। इस कानून के द्वारा ना सिर्फ काम पाने का हक लोगों को मिला है बल्कि गांवो से शहरों की तरफ पलायन करने पर होने वाली तकलीफों से भी लोगों को निजात मिलेगी। इस कानून के तहत ग्रामीण मजदूरों को कई सुविधाएं उपलब्ध की गई ग्रामीण क्षेत्र मे रहने वाले लोगो को रोजगार सुनिश्चित कराने व प्रत्येक परिवार को काम पाने का कानूनी हक देने के उददेश्य को लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून 2005 को कई संघर्षो के बाद स्वीकृति प्राप्त हो गयी। इस कानून के द्वारा ना सिर्फ काम पाने का हक लोगो को मिला है बल्कि गांवो से शहरो की तरफ पलायन करने पर होने वाली तकलीफो से भी लोगो को निजात मिलेगी। इस कानून के तहत ग्रामीण मजदूरों को कई सुविधाएं उपलब्ध की गई है।

सूचना का अधिकार अधिनियम 13 अक्टूबर 2005 से सम्पूर्ण भारत में लागू किया गया तथा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत कार्यो का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के 150 जिलों में दिनाँक 2 फरवरी 2006 से प्रारंभ कर दिया गया। जिसके तहत वर्तमान में बड़े स्तर पर सड़क तथा तालाब निर्माण तथा अन्य जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत कार्यो का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के 150 जिलों में 2 फरवरी 2006 से प्रारंभ कर दिया गया। जिसके तहत वर्तमान में बड़े स्तर पर सड़क तथा तालाब निर्माण तथा अन्य जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

पदयात्रा का उद्देश्य

वर्ष 2005 में संसद ने दो प्रमुख अधिनियम पारित किये पहला सूचना का अधिकार अधिनियम तथा दूसरा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून 2005 । इस कानून के तहत लोगों को किसी भी विभाग से सूचना पाने तथा ग्रामीण परिवार को वर्ष में 100 दिन का रोजगार प्राप्त करने का कानूनी हक प्राप्त हो गया है। साथ ही कार्यस्थल पर मजदूरों के लिए कई सुविधाएं भी प्रदान करना प्रस्तावित हैं। अत: इन कानून की जानकारी गांव-गांव तक पहूंचाने तथा सरकार द्वारा ग्राम स्तर पर चलाये जा रहे कार्यो का जायजा कर इसके सकारात्मक तथा नकारात्मक पक्षों से शासन को अवगत करना इस पदयात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। ताकि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी कानून तथा सूचना का अधिकार कानून का क्रियान्वयन सही तरह से हो सकें।

अत: इन उद्देश्यों के साथ दिनाँक 18 मई 2006 से रोजगार तथा सूचना का अधिकार पदयात्रा निकाली गई। पद यात्रा समापन समारोह दिनाँक 25 मई 2006 दिन गुरूवार को ग्राम पंचायत सारंगी के सहयोग से किया गया। रोजगार अधिकार पदयात्रा 2 समुहों में निकाली गईं । प्रथम समूह ने ग्राम कचराखदान तथा दूसरे समूह ने ग्राम करडावद से पदयात्रा प्रारंभ की। यह यात्रा पेटलावद तहसील के 74 गांवों से निकाली गई। इस पदयात्रा के दौरान 72 किलोमिटर की यात्रा कर 74 गांवों के लगभग 14000 महिला एवं पुरूषों से मिले।

पदयात्रा के दौरान गतिविधियां

रोजगार तथा सूचना का अधिकार पदयात्रा में ग्रामीणजन को जानकारी देने के लिए दोनों समूहों ने अपने साथ ढोल, मंझीरे तथा हाथ में झंडे लिए गीत गाते, नारे लगाते तथा आमसभा का आयोजन किया। 8 दिवसीय पदयात्रा के दौरान निम्न गीत तथा नारों का उपयोग किया गया :

पदयात्रा गीत

  • चेत सके तो चेत रे साथिड़ा रे , चेत सके तो चेत रे म्हारी बैणा रे , थारों अवसर चुक्यों जाए रे साथिड़ा रे ...
  • जागो रे जागों आदिवासी भाया, किम हुआ हो निंदरा में तमे जागो ने पाड़ोसी जगावो, किम ...

पदयात्रा के नारे

  • नया नया कानून बना है रोजगार की गारंटी ।
  • जल जंगल जमीन बचाये रोजगार की गारंटी।
  • काम नही तो भत्ता देगी रोजगार की गारंटी।
  • हर हाथ को काम दो काम का पूरा दाम दो।
  • साल मे सौ दिन काम दिलाये रोजगार की गारंटी।
  • गांवो मे विकास कराए रोजगार की गारंटी।
  • मिल गई भाई मिल गई रोजगार की गारंटी।
  • हम अपना अधिकार मांगते नही किसी से भीख मांगते।

पदयात्रा के दौरान 21 कार्यस्थलों पर पहूंच कर मौके का मुआयना कर आमसभा बैठकें कर ग्रामीणों को रोजगार गांरटी कानून तथा सूचना का अधिकार कानून के बारे में बताया गया। पदयात्रा का उद्देश्य तथा अनुभवों को शासन के सामने रखने के लिए यात्रा के आखिरी दिन दिनाँक 25 मई 2006 को ग्राम सारंगी में समापन समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें शासन की ओर से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत क्रियान्वित कार्यो के सहायक कार्यक्रम अधिकारी तथा 6 ग्राम पंचायतों सरपंच तथा 700 महिला पुरूषों ने भाग लिया था।

पदयात्रा के अनुभव

इस 8 दिवसीय पदयात्रा के दौरान ग्राम स्तर पर पदयात्रियों के भोजन तथा विश्राम की व्यवस्था ग्रामीणों के द्वारा ही किया गया। यात्रा जिन गांवों से होकर गुजरती थी, वहां के सरंपचों का सहयोग भी प्राप्त हुआ। 4 कार्यस्थलों का मुआयना सरपंचों द्वारा ही कराया गया तथा अपनी समस्याओं को भी बताया। सरपंचों ने बालश्रमिक, मेट तथा नपती की समस्या प्रमुख रूप से बताया। कार्यस्थओं पर बैठके कर बालश्रमिक तथा मेट के मुद्दे पर लोगों से विस्तार से चर्चा करने से सरपंच को भी कार्य करने सहयोग प्राप्त हुआ और इसका सीधा असर कार्यस्थल पर देखने को मिला। मेट की संख्या अधिक होने से नपती तथा हाजरी के आधार पर मजदूरों को प्रतिदिन की मजदूरी कम प्राप्त हो रही थी। जिस कारण मेट की व्यवस्था को ग्रामीणों द्वारा बंद किये जाने पर विशेष जोर दिया गया। इस तरह की गतिविधियों से सरपंचों को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यस्थओं का मुलायना करने पर पदयात्रियों को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी कानून तथा सूचना का अधिकार कानून के क्रियान्वयन में कई सकारात्मक पक्ष देखने को मिले, वहीं बड़े स्तर पर नकारात्मक पक्ष भी सामने आये। अत: इन दो बिन्दूओं के आधार पर पद यात्रा की संक्षिप्त रिपोर्ट इस प्रकार है :

ग्रामीणों के पास जॉब कार्ड:

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

पदयात्रा के दौरान पाया गया कि अधिकांश गांवों में जॉब कार्ड उपलब्ध थे।

  • कार्यस्थल पर मजदूरों के पास जॉब कार्ड उपलब्ध नहीं होना।
  • काम मिलने का विवरण किसी भी जॉब कार्ड में दर्ज नहीं था।  जहॉ मजदूरी का भूगतान हो चुका था वहां भी जॉब कार्ड पर मजदूरी के भूगतान का विवरण नहीं लिखा गया था।

कार्य स्थल पर काम संबंधी बोर्ड  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम भूरीघाटी, बावड़ी, बाछीखेड़ा, उम्मेदपुरा, हवारूण्डा बैगनबर्डी, गरवाड़ा, कसारवर्डी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर काम संबंधी बोर्ड उपलब्ध थे।

ग्राम कोटड़ा, कास्याखाली, रूपापाड़ा, अजबबोराली, करड़ावद, महुड़ीपाड़ा कला, गोपालपुरा दौलतपुरा, महुड़ीपाड़ा (मायारूण्डी), काजबी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर काम संबंधी बोर्ड नहीं थे।

मस्टर रोल की उपलब्धता

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम काचरोटिया (सड़क निर्माण कार्य), करड़ावद, बावड़ी, बाछीखेड़ा, बैगनबर्ड़ी, कसारवर्डी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर   मस्टर रोल उपलब्ध पाया गया

ग्राम भूरीघाटी, कोटड़ा, कास्याखाली, रूपापाड़ा, काचरोटिया (निस्तार तालाब निर्माण कार्य), अजब बोराली, महुड़ीपाड़ा कला, उम्मेदपुरा, हवारूण्डा, गोपालपुरा दौलतपुरा, महुड़ीपाड़ा (मायारूण्डी), गरवाड़ा, काजबी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर मस्टर रोल नही उपलब्ध पाया गया।

हाजरी मस्टररोल में लिया जा रहा है या किसी कापी /रजिस्टर में  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम काचरोटिया (सड़क निर्माण कार्य), गाम बावड़ी, ग्राम बाछीखेड़ा, ग्राम करड़ावद, बैगनबर्डी कसारवर्डी मे हाजरी मस्टर रोल मे ली जा रही है।

ग्राम भूरीघाटी, कोटड़ा, कास्याखाली, रूपापाड़ा, काचरोटिया (निस्तार तालाब कार्य), अजबबोराली, ग्राम बावड़ी (सड़क निर्माण), महुड़ीपाड़ा कला (सड़क निर्माण पुलिया तथा रोड निर्माण कार्य), उम्मेदपुरा, हवारूण्डा, गोपालपुरा दौलतपुरा महुड़ीपाड़ा (मायारूण्डी), गरवाड़ा, काजबी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर रजिस्टर मे हाजरी ली जा रही है।

कार्य स्थल पर छोटे बच्चों की देखरेख के लिए झुलाघर (क्रेश) की व्यवस्था

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम कसारवर्डी मे बच्चो की देखरेख के लिए झुलाघर (क्रेश) की व्यवस्था पायी गयी।

ग्राम भूरीघाटी, कोटड़ा, कास्याखाली, रूपापाड़ा, ग्राम काचरोटिया (निस्तार तालाब कार्य सड़क निर्माण कार्य), अजबबोराली, करड़ावद, ग्राम बावड़ी (निस्तार तालाब निर्माण कार्य सड़क निर्माण),  महुड़ीपाड़ा कला (सड़क निर्माण पुलिया तथा रोड निर्माण कार्य), हवारूण्डा, गोपालपुरा दौलतपुरा महुड़ीपाड़ा (मायारूण्डी), गरवाड़ा, काजबी आदि गांवो मे कार्यस्थल पर झुलाघर (क्रेश) की व्यवस्था नही की गयी।

कार्य स्थल पर छाया की व्यवस्था

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम भूरीघाटी, ग्राम काचरोटिया (सड़क निर्माण कार्य), ग्राम बावड़ी (निस्तार तालाब कार्य), कसारवर्डी आदि स्थानो पर छाया की व्यवस्था की गयी थी।

शेष गांवो मे कार्यस्थल पर छाया की कोई व्यवस्था नही की गयी है।

कार्य स्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम काचरोटिया (सड़क निर्माण कार्य निस्तार तालाब कार्य), ग्राम बावड़ी (निस्तार तालाब कार्य सड़क निर्माण कार्य), बाछीखेड़ा, कसारवर्डी, कास्याखाली, रूपापाड़ा, अजबबोराली, करड़ावद, उम्मेदपुरा, महुड़ीपाड़ा कला, हवारूण्डा, बैंगनबर्डी, महुड़ीपाड़ा (मायारूण्डी) काजबी, काजबी, भील कोटडा, भूरीघाटी मे पेयजल की व्यवस्था पायी गयी थी।

ग्राम गोपालपुरा, गरवाड़ा, काजबी आदि गांवो मे पीने के पानी की व्यवस्था नही उपलब्ध पायी गयी।

कार्य स्थल पर प्राथमिक उपचार हेतु व्यवस्था  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

 

भ्रमण के दोरान किसी भी कार्यस्थल पर प्राथमिक उपचार हेतु सुविधाऐ उपलब्ध नही थी।

मजदूरी संबंधी समस्या  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम कसारवर्डी मे निर्धारित दर 61.37 रूपये के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया गया है।

काजबी मे मजदूरी का भुगतान 50 रू .के हिसाब से किया गया है तथा समय पर भुगतान नही हुआ है। ग्राम बाछीखेड़ा मे निस्तार तालाब का पेमेंट 55 रूपये के हिसाब से किया गया है। ग्राम बावडी मे सड़क निर्माण कार्य तालाब निर्माण कार्य के दोरान 57 रूपये के हिसाब से मजदुरी का भुगतान किया गया। ग्राम रूपापाड़ा, कास्याखाली, काचरोटिया (निस्तार तालाब निर्माण कार्य) मे मजदूरी का भुगतान समय पर नही किये जाने के मुददे सामने रहे है।

कार्य स्थल पर बाल मजूदर की समस्या  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम गामडी तथा कसारबर्डी में चल रहे निर्माण कार्यस्थलों पर बाल मजदूर नहीं पाये गये

शेष 19 कार्यस्थलों पर 133 बाल मजदूर पायेगये। जो अपने माता-पिता के नाम पर कार्य कर रहे थे। पंचायत प्रतिनिधियो के मना करने पर भी पालकों की तरफ से बच्चो को कार्य पर लगाने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

कार्य स्थल पर मेट की समस्या  

सकारात्मक पक्ष

नकारात्मक पक्ष

ग्राम कसारवर्डी तथा गामड़ी कार्यस्थल पर मेट की कोई व्यवस्था नही थे।

शेष कार्यस्थलो पर मेट की अधिकता के कारण समस्याओ का विकराल स्वरूप सामने आया है जबकि कानून के प्रावधान के अंतर्गत मेट की कोई व्यवस्था नही की गयी है। ग्राम करडावद   मे 420 मजदुरो पर 50 से अधिक मेट थे, इसी प्रकार ग्राम काजबीमे 530 मजदूरो पर 100 से अधिक मेठ उपस्थित थे। ग्राम छावनी से डाबड़ी तक के सड़क निर्माण कार्य मे 106 से अधिक मजदूरों पर 20 मेठ उपस्थित थे।

मजदूरी संबंधी अन्य प्रकरण

कार्यस्थल पर भ्रमण के दौरान कई प्रकार के अन्य मुददों से भी पदयात्रियों का सामना हुआ है। जिसके तहत ग्राम नरसिंगपुरा के लोगो द्वारा सामने रखा गया है। इस प्रकरण में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन के निर्माण कार्य में लगे 22 मजदूरों की 11000 रूपे की मजदूरी का भुगतान पिछले 3 वर्षो से पंचायत द्वारा नही किया गया है।

ग्रामवासियों की जागरूकता संबंधी बिंदु

सभी ग्रामों मे पदयात्रा के दौरान पाया गया कि लोगो को यह मालुम है कि सरकार प्रति वर्ष 100 दिवस का कार्य देने वाली है परंतु इस कानून से संबंधी अन्य प्रावधान क्या है? कार्यस्थल पर क्या-क्या सुविधाएं सभी को मिलनी चाहिए, काम के लिए आवेदन कैसे करना है, प्रतिदिन की मजदूरी क्यो होगी, काम का चयन कैसे करना है, कार्यस्थल पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ग्रामसभा की भूमिका आदि बातों को लेकर लोगों जागरूकता का अभाव पाया गया है।

रोजगार अधिकार पदयात्रा समापन समारोह

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिनाँक 18/05/06 से दो समूहों में निकाली गई रोजगार अधिकार पदयात्रा का समापन समारोह दिनाँक 25/05/06 दिन गुरूवार साप्ताहिक बाजार के दिन ग्राम पंचायत सारंगी के सहयोग से किया गया। समापन समारोह में पेटलावद तहसील के अनुभविभागिय अधिकारी महोदय (राजस्व विभाग), रोजगार गारंटी योजना के तहत चलाये जा रहे कार्यो के सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री पाटीदार, ग्राम पंचायत सारंगी, बैंगनबर्डी तथा अन्य पंचायत के सरपंच - सचिव के अलावा लगभग 700 महिला - पुरूष उपस्थित थे।

समापन समारोह का शुभारंभ दोपहर 2.00 बजे श्री झॉ (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व) की उपस्थिति के पश्चात किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पदयात्रियों ने चेतना गीत गाये व नारे लगाये। तत्पश्चात श्री झॉ तथा सांरगी सरपंच द्वारा गांधी जी की प्रतिमा पर खादी की माला पहनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी कडी में अतिथियों का स्वागत श्रीमती ज्योत्सना व हुमली बहन ने तिलक लगाकर किया। रोजगार तथा सूचना का अधिकार पदयात्रा तथा समापन समारोह का उद्देश्य श्री निलेश भाई ने बताया।

रोजगार अधिकार पदयात्रा के अनुभवों को सर्वश्री देवचंद कटारा, भँवर सिंह मुणिया, नारायण भाई तथा लक्ष्मण सिंह मुणिया ने बताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान ग्राम- कसारबर्डी, गामड़ी, काचरोटिया के सड़क तथा तालाब निर्माण कार्य स्थलों पर कुछ सकारात्मक पक्ष देखने को मिले वहीं कुछ गांवों में रोजगार गांरटी कानून में कहीं गई कई बातों को अमल में नहीं लाया जा रहा था। अत: सरकार को इस और विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम की इसी कड़ी में पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता श्री हरीशंकर पंवार ने राष्ट्रीय रोजगार गांरटी कानून के क्रियान्वयन में मिडिया एवं लोगों की भूमिका को विस्तार से बताया।

तत्पश्चात श्री झॉ द्वारा सम्पर्क द्वारा तैयार सरल पशु चिकित्सा पुस्तिका का विमोचन किया गया। पुस्तिका का विमोचन करने के पश्चात आपके द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी कानून 2005 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही कार्यक्रम के बीच में ग्रामीणों द्वारा कार्यस्थलों पर हो रही अनियमितताओं से संबंधित उठाये गये सवालों का जवाब देते हुए श्री झॉ ने कहा कि इस कानून के तहत कार्य प्रारंभ हुए अभी कुछ ही माह हुए है, इसलिए कार्यस्थल पर प्रारंभिक दौर में कुछ कमियां अवश्य दिखाई देगी। लेकिन शासन की कोशिश है कि कानून के सभी प्रावधानों को अमल में लाया जाएं। आपने ग्रामीणों की मजदूरी भुगतान संबंधी समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान देकर लिखा और कार्यवाहीं करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। जिसमें ग्राम नरसिंगपुरा में पिछले 3 वर्षो से मजदूरी का भुगतान नहीं होना, काजबी में मजदूरी का भुगतान 50 रूपये होना आदि प्रमुख प्रकरण थे। कार्यक्रम के अंत में सुषमा जी ने मंच पर आशिन सभी अतिथियों, ग्रामीणों तथा पदयात्रियों का धन्यवाद प्रकट कर समापन समारोह की समाप्ति की घोषणा की गई।

पदयात्रा के अनुभव के आधार पर सुझाव

पदयात्रा के दौरान सभी ने यह अनुभव किया कि कुछ मुददो को लेकर शासन को अभी भी कानून के क्रियांवयन मे सुधार करने की आवश्यकता है। व्यवस्थित रूप से कार्य करने हेतु निम्न बिंदुओ की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है -

कार्य का चयन ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर होना चाहिए एवं पानी, मिट्टी रोकने के कार्य को प्राथमिकता देना चाहिए। ग्रामीणों के पास जॉब कार्ड की उपलब्धता को सुनिश्चित कराकर उनमे जानकारियो का उचित प्रकार से विवरण लिखा होना।

जॉब कार्ड पर जिन लोगों के नाम दर्ज है उनकी उम्र वर्ष 2003 के सर्वे के आधार पर लिखी गई है। लेकिन तीन वर्ष पश्चात कई नाबालिंग लड़के-लड़कियां 18 वर्ष की उम्र पार कर वयस्क की श्रेणी में आ गये है। अत: वर्ष 2003 के सर्वे के आधार इन लोगों को काम पर नहीं लगाया जाना और जॉब कार्ड से वंचित रखा असंवैधानिक है। अत: इस दिशा में शासन के द्वारा ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।

  • ग्रामीणों तक किये जाने वाले कार्यों की जानकारी पूर्ण रूप से हो। इस हेतु कार्य स्थल पर काम संबंधी बोर्ड का होना सुनिश्चित करें।
  • कार्यस्थल पर पेयजल, छाया व प्राथमिक उपचार हेतु स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
  • कार्य स्थल से बाल मजूदरों को हटाने हेतु कड़ा रूख अपनाया जाये।
  • कार्यस्थल पर मेट की व्यवस्था पर रोक लगायी जाये। इस हेतु शासकीय अमले द्वारा कार्य प्रांरभ होने से पूर्व ग्राम स्तर पर बैठके की जानी चाहिए।
  • कार्यस्थल पर हाजरी मस्टररोल मे ही ली जाये तथा मस्टर रोल कार्यस्थल पर उपलब्ध होना सुनिश्चित करें।
  • मजदुरी का भुगतान समय पर हो सुनिश्चित करें।
  • आर.ई.एस. विभाग के कार्यो में नियमों का क्रियान्वयन अच्छा है लेकिन पंचायत के कार्यो में नियमों का क्रियान्वयन कमजोर है। अत: पंचायतों को आर.ई.एस. विभाग के कार्यस्थलों का भ्रमण करना चाहिए।

पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि आदिवासी समाज में विवाह की उम्र अधिकतम 15-16 साल है। विवाह पश्चात इस उम्र के नवयुवक दंपत्ति परिवार से अलग रहकर कृषि तथा मजदूरी कर अपना भरन पोषण करते है, जो कि आदिवासी समाज की संस्कृति में रच-बस गया है। किन्तु राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी कानून में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को काम पर नहीं लगाने की बात कर आदिवासी समाज के कई परिवारों को लाभ से वंचित कर दिया। अत: नीतिगत् स्तर पर बदलाव कर 15-16 वर्ष के ऊपर के आदिवासी महिला-पुरूषों को जॉब कार्ड तथा काम उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

इस प्रकार के सभी बिंदुओ को लेकर प्रयास करने पर ही कानून के क्रियांवयन मे सभी को आसानी भी होगी तथा लोगो तक इस कानून का लाभ अधिक से अधिक पहुंच सकेगा।

रोजगार तथा सूचना का अधिकार पदयात्रा कार्यक्रम

(दिनांक 18.05.06 से 25.05.06 तक)
 क्र .

समूह क्रमांक 1.

समूह क्रमांक 2.

दिनांक

गांव

पंचायत

गांव

पंचायत

1

18.05.06

कचराखदान
सामली
काजबी
लालारूण्डी

कचराखदान
सामली
काजबी
काजबी

सुआपाठ
अजब बोराली
गोविंदपाड़ा  
सातरूण्डी
ठिकरिया

अनंतखेड़ी
अनंतखेड़ी
करड़ावद
करड़ावद
करड़ावद

2

19.05.06

मनास्या
हिरानीनामापाड़ा
धान्यारूण्डी
मोच्याघाटी
छोटा सलुनिया

बावड़ी
जामली
हमीरगढ़
हमीरगढ़
बड़ा सलुनिया

नाकापाड़ा
बावड़ी
वड़लीपाड़ा
चम्पेलिया
महुड़ीपाड़ा खुर्द  
जुनवानिया
आम्लीरूण्डा  
गोठानिया

करड़ावद
बावड़ी
महुड़ीपाड़ा
महुड़ीपाड़ा
महुड़ीपाड़ा
बरबेठ
बरबेठ
बरबेठ

3

20.05.06

सेमलपाड़ा
बड़ा सलुनिया
पांच पिपला
भूरीघाटी
कोटड़ा

बड़ा सलुनिया
बड़ा सलुनिया
पांच पिपला
पांच पिपला
कोटड़ा

कुंआरझर
करमदीखेड़ा
डाबड़ी

महुड़ीपाड़ा
बोड़ायता
डाबड़ी

4

21.05.06

नरसिंगपुरा
कास्याखाली
झरनिया
देवली

कोटड़ा
कालीघाटी
देवली
देवली

गब्बापाड़ा
भमती
उम्मेदपुरा
हवारूण्डा
बैंगनबर्डी मेन
बैंगनबर्डी खजुरिया
लालपुरा

डाबड़ी
डाबड़ी
डाबड़ी
डाबड़ी
बैंगनबर्डी
बैंगनबर्डी
बोड़ायता

5

22.05.06

रूपापाड़ा
कालीघाटी
पिपलीपाड़ा
काचरोटिया

कालीघाटी
कालीघाटी
कालीघाटी
कालीघाटी

महुड़ीपाड़ा  
मायारूण्डी
गोपालपुरा
दौलतपुरा
गामड़ी
गरवाड़ा

बोड़ायता
बोड़ायता
गामड़ी
गामड़ी
गामड़ी
गामड़ी

6

23.05.06

कुण्डली,
कुण्डिया,
भक्तिया, 
बरबेट

कालीघाटी
कालीघाटी
कालीघाटी
बरबेट

कसारबर्डी
उण्डवा
कलसाडिया
उनालपाड़ा
मोहनपुरा
हथनीपाड़ा

कसारबर्डी
कसारबर्डी
कसारबर्डी
कसारबर्डी
मोहनपुरा
मोहनपुरा

7.

24.05.06

नाहरपुरा
रूपापाड़ा
तिखिपाड़ा
निनामापाड़ा

बोडायता
बोडायता
बोडायता
बोडायता

नाहरपुरा
माण्डन
पिपलीपाड़ा
अमरहोली

माण्डन
माण्डन
माण्डन
सारंगी

8.

25.05.06

समापन समारोह
सारंगी

ग्राम पंचायत सारंगी

समापन समारोह
सारंगी

ग्राम पंचायत सारंगी

रोजगार तथा सूचना का अधिकार पदयात्रा के दौरान कार्यस्थओं का मुआयना    
(दिनांक 18.05.06 से 25.05.06 तक)

क्र .

कार्य का नाम

गांव का नाम

पंचायत का नाम

1.

तालाब निर्माण

भूरिघाटी

पांचपिपला

2.

सड़क निर्माण

काजबी

काजबी

3.

तालाब निर्माण

भील कोटडा

भील कोटडा

4.

सड़क निर्माण

कास्याखाली

कालीघाटी

5.

सड़क निर्माण

रूपापाड़ा

कालीघाटी

6.

सड़क निर्माण

काचरोटिया

कालीघाटी

7.

निस्तार तालाब

काचरोटिया

कालीघाटी

8.

सड़क निर्माण

अजबबोराली

अनंतखेडी  

9.

सड़क निर्माण

करडावद

करडावद

10.

निस्तार तालाब

बावड़ी

बावडी

11.

निस्तार तालाब

बाछीखेड़ा

बाछीखेड़ा

12.

सड़क निर्माण

बावड़ी

बावडी

13.

पूलिया एवं रोड़ निर्माण

महुडीपाड़ाकला

महुडीपाड़ाकला

14.

सड़क निर्माण

महुडीपाड़ाकला

महुड़ीपाड़ाकला

15.

सड़क निर्माण

उम्मेदपुरा

डाबडी

16.

सड़क निर्माण

हवारूण्डा

डाबडी

17.

सड़क निर्माण

गोपालपुरा

गामड़ी

18.

तालाब निर्माण

मायारूण्डी

बोडायता

19.

सड़क निर्माण

गामड़ी

गामडी

20.

तालाब निर्माण

कसारबर्डी

कसारबर्डी

21.

सड़क निर्माण

सारंगी

सारंगी

 
     
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